STORYMIRROR

योग प्राणायाम प्रेम कठिन परिश्रम वीर धन्य है संसार को आवाह्न किया कश्ती बुढ़िया के गहने यादें बना दो माता रानी का भजन दुर्गा जी के भजन मकड़ी की जाल के समान संसार लेकिन अब हकीकत में मुमकिन नही... सुबह वाली चाय तोह मैं बन ही जाऊँगा कोरोना मास्क लेकिन तू चाय के साथ वाली नमकिन नही... हो सके तोह दूर ही रहना दो गज दूरी शान बढ़ाकर इन दिखावे वालें अपनों से... वीरों के

Hindi नदी के दो पाट Audios