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दुर्गा जी के भजन श्री देवी भजन इन दिखावे वालें अपनों से... मजबूत संसार को आवाह्न किया बना दो प्रेम वीरों के कश्ती लेकिन अब हकीकत में मुमकिन नही... सुबह वाली चाय तोह मैं बन ही जाऊँगा मकड़ी की जाल के समान संसार बुढ़िया के गहने मास्क लेकिन तू चाय के साथ वाली नमकिन नही... हो सके तोह दूर ही रहना यादोमें तोह हम हमेशा ही साथ रहेंगे दो गज दूरी शान बढ़ाकर कठिन परिश्रम कोरोना योग प्राणायाम

Hindi नदी के दो पाट Audios